विभिन्न नक्षत्रों में जन्म लिए लोगों का स्वभाव – विश्लेषण

वाराणसी(उत्तर प्रदेश),22 फरवरी 2018 ।मानव ,पशु, पक्षी तथा वनस्पतियों पर प्रकृति का सीधा असर होता है। जन्म के समय ग्रह तथा राशि का जीवन पर विशेष प्रभाव पड़ता है।ज्योतिष शास्त्र में विभिन्न प्रकार के नक्षत्रों का जिक्र किया गया है। ये सभी नक्षत्र जितने महत्वपूर्ण हैं उतने ही वैयक्तिक जीवन पर भी असर डालते हैं। जिस नक्षत्र में इंसान जन्म लेता है वह नक्षत्र उसके स्वभाव और आगामी जीवन पर अपना असर जरूर छोड़ता है। आइए जानें भिन्न-भिन्न नक्षत्रों में जन्म लेने वाले लोगों की क्या-क्या खासियत होती है।

अश्विन नक्षत्र
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ज्योतिष शास्त्र में सबसे प्रमुख और सबसे प्रथम अश्विन नक्षत्र को माना गया है। जो व्यक्ति इस नक्षत्र में जन्म लेता है वह बहुत ऊर्जावान होने के सथ-साथ हमेशा सक्रिय रहना पसंद करता है। इनकी महत्वाकांक्षाएं इन्हें संतुष्ट नहीं होने देतीं। ये लोग रहस्यमयी प्रकृत्ति के इंसान होने के साथ-साथ थोड़े जल्दबाज भी होते हैं जो पहले काम कर लेते हैं और बाद में उस पर विचार करते हैं। ये लोग अच्छे जीवनसाथी और एक आदर्श मित्र साबित होते हैं।

भरणी नक्षत्र
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इस नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होता है, जिसकी वजह से इस नक्षत्र में जन्में लोग आराम पसंद और आलीशान जीवन जीना चाहते हैं। ये लोग काफी आकर्षक और सुंदर होते हैं, इनका स्वभाव लोगों को आकर्षित करता है। इनके जीवन में प्रेम सर्वोपरि होता है और जो भी ये ठान लेते हैं उसे पूरा करने के बाद ही चैन से बैठते हैं। इनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और सम्मान हमेशा बना रहता है।

कृत्तिका नक्षत्र
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इस नक्षत्र में जन्में जातक ना तो पहली नजर में प्यार जैसी चीज पर भरोसा करते हैं और ना ही किसी पर बहुत जल्दी एतबार करते हैं। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति पर सूर्य का प्रभाव रहता है, जिसकी वजह से ये लोग आत्म गौरव करने वाले होते हैं। ये लोग स्वाभिमानी होने के साथ-साथ तुनक मिजाजी और बहुत उत्साहित रहने वाले होते हैं। ये लोग जिस भी काम को अपने हाथ में लेते हैं उसे पूरी लगन और मेहनत के साथ पूरा करते हैं।

रोहिणी नक्षत्र
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रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा होता है और चंद्रमा के प्रभाव की वजह से ये लोग काफी कल्पनाशील और रोमांटिक स्वभाव के होते हैं। ये लोग काफी चंचल स्वभाव के होते हैं और स्थायित्व इन्हें रास नहीं आता। इन लोगों की सबसे बड़ी कमी यह होती है कि ये कभी एक ही मुद्दे या राय पर कायम नहीं रहते। ये लोग स्वभाव से काफी मिलनसार तो होते ही हैं लेकिन साथ-साथ जीवन की सभी सुख-सुविधाओं को पाने की कोशिश भी करते रहते हैं। विपरीत लिंग के लोगों के प्रति इनके भीतर विशेष आकर्षण देखा जा सकता है।

मृगशिरा नक्षत्र
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इस नक्षत्र के जातकों पर मंगल का प्रभाव होने की वजह से ये लोग काफी साहसी और दृढ़ निश्चय वाले होते हैं। ये लोग स्थायी जीवन जीने में विश्वास रखते हैं और हर काम पूरी मेहनत के साथ पूरा करते हैं। इनका व्यक्तित्व काफी आकर्षक होता है और ये हमेशा सचेत रहते हैं। अगर कोई व्यक्ति इनके साथ धोखा करता है तो ये किसी भी कीमत पर उसे सबक सिखाकर ही मानते हैं। ये लोग काफी बुद्धिमान और मानसिक तौर पर मजबूत होते हैं। इन्हें संगीत का शौक होता है और ये सांसारिक सुखों का उपभोग करने वाले होते हैं।

आर्द्रा नक्षत्र
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इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों पर आजीवन बुध और राहु ग्रह का प्रभाव रहता है। राहु का प्रभाव इन्हें राजनीति की ओर लेकर जाता है और इनके प्रति दूसरों में आकर्षण विकसित करता है। ये लोग दूसरों का दिमाग पढ़ लेते हैं इसलिए इन्हें बहुत आसानी से बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता। दूसरों से काम निकलवाने में माहिर इस नक्षत्र में जन्में लोग अपने निजी स्वार्थ को पूरा करने के लिए नैतिकता को भी छोड़ देते हैं।

पुनर्वसु नक्षत्र
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ऐसा माना जाता है कि इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति के भीतर दैवीय शक्तियां होती हैं। इनका शरीर काफी भारी और याद्दाश्त बहुत मजबूत होती है। ये लोग काफी मिलनसार और प्रेम भावना से ओत-प्रोत होते हैं। आप कह सकते हैं कि जब भी इन पर कोई विपत्ति आती है तो कोई अदृश्य शक्ति इनकी सहायता करने अवश्य आती है। ये लोग काफी धनी भी होते हैं।

पुष्य नक्षत्र
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ज्योतिषशास्त्र के अंतर्गत शनिदेव के प्रभाव वाले पुष्य नक्षत्र को सबसे शुभ माना गया है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग दूसरों की भलाई के लिए सदैव तैयार रहते हैं और इनके भीतर सेवा भावना भी बहुत प्रबल होती है। ये लोग मेहनती होते हैं और अपनी मेहनत के बल पर धीरे-धीरे ही सही तरक्की हासिल कर ही लेते हैं। ये लोग कम उम्र में ही कई कठिनाइयों का सामना कर लेते हैं इसलिए ये जल्दी परिपक्व भी हो जाते हैं। चंचल मन वाले ये लोग विपरीत लिंग के प्रति विशेष आकर्षण भी रखते हैं। इन्हें संयमित और व्यवस्थित जीवन जीना पसंद होता है।

आश्लेषा नक्षत्र
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शास्त्रों के अनुसार यह नक्षत्र विषैला होता है और इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के भीतर भी विष की थोड़ी बहुत मात्रा अवश्य पाई जाती है। आश्लेषा नक्षत्र में जन्में व्यक्ति ईमानदार तो होते हैं किंतु मौका मिलते ही अपने रंग दिखाने से भी बाज नहीं आते। जब तक इन्हें लाभ मिलता है बस तभी तक दोस्ती निभाने वाले ये लोग दूसरों पर बिल्कुल भरोसा नहीं कर पाते। ये लोग कुशल व्यवसायी साबित होते हैं और दूसरों का मन पढ़कर उनसे अपना काम निकलवा सकते हैं। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों को अपने भाइयों का पूरा सहयोग मिलता है।

मघा नक्षत्र
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इस नक्षत्र को गण्डमूल नक्षत्र की श्रेणी में रखा गया है। सूर्य के स्वामित्व के कारण ये लोग काफी ज्यादा प्रभावी बन जाते हैं। इनके भीतर स्वाभिमान की भावना प्रबल होती है और बहुत ही जल्दी इनका दबदबा भी कायम हो जाता है। ये कर्मठ होते हैं और किसी भी काम को जल्दी से जल्दी पूरा करने की कोशिश करते हैं। इनके भीतर ईश्वरीय आस्था बहुत अधिक होती है।

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र
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इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों में संगीत और कला की विशेष समझ होती है जो बचपन से ही दिखाई देने लगती है। ये लोग नैतिकता और ईमानदारी के रास्ते पर चलकर ही अपना जीवन व्यतीत करते हैं, शांति पसंद होने की वजह से किसी भी तरह के विवाद या लड़ाई-झगड़े में पड़ना पसंद नहीं करते। इनके पास धन की मात्रा अच्छी खासी होती है जिसकी वजह से ये भौतिक सुखों का आनंद उठाते हैं। ये लोग अहंकारी प्रवृत्ति के होते हैं।

उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र
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इस नक्षत्र में जन्में लोग समझदार और बुद्धिमान होते हैं। ये अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भरपूर प्रयास करते हैं। ये लोग निजी क्षेत्र में सफलता हासिल नहीं कर सकते इसलिए इन्हें सरकारी क्षेत्र में ही अपना कॅरियर तलाशना चाहिए। ये लोग एक काम को करने में काफी समय लगा देते हैं। अपने हर संबंध को ये लोग लंबे समय तक निभाते हैं।

हस्त नक्षत्र
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बौद्धिक, मददगार, निर्णय लेने में अक्षम, कुशल व्यवसायिक गुणों वाले ये लोग दूसरों से अपना काम निकालने में माहिर माने जाते हैं। इन्हें हर प्रकार की सुख-सुविधाएं मिलती हैं और इनका जीवन आनंद में बीतता है।

चित्रा नक्षत्र
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इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के स्वभाव में आपको मंगल ग्रह का प्रभाव दिखाई दे सकता है। ये लोग हर किसी के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की कोशिश करते हैं, इन्हें आप सामाजिक हितों के लिए कार्य करते हुए भी देख सकते हैं। ये लोग विपरीत हालातों से बिल्कुल नहीं घबराते और खुलकर मुसीबतों का सामना करते हैं। परिश्रम और हिम्मत ही इनकी ताकत है।

स्वाति नक्षत्र
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इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातक मोती के समान चमकते हैं अर्थात इनका स्वभाव और आचरण स्वच्छ होता है। ऐसा माना जाता है कि इस नक्षत्र में पानी की बूंद सीप पर गिरती है तो वह मोती बन जाती है। तुला राशि में होने की वजह से स्वाति नक्षत्र के जातक सात्विक और तामसिक दोनों ही प्रवृत्ति वाले होते हैं। ये लोग राजनीतिक दांव-पेंचों को अच्छी तरह समझते हैं और अपने प्रतिद्वंदियों पर हमेशा जीत हासिल करते हैं।

विशाखा नक्षत्र
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पठन-पाठन के कार्यों में उत्तम साबित होते हैं स्वाति नक्षत्र में जन्में लोग। ये लोग शारीरिक श्रम तो नहीं कर पाते लेकिन अपनी बुद्धि के प्रयोग से सभी को पराजित करते हैं। ये लोग काफी सामाजिक होते हैं जिसकी वजह से इनका सामाजिक दायरा भी बहुत विस्तृत होता है। ये लोग महत्वाकांक्षी होते हैं और अपनी हर महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए बहुत मेहनत करते हैं।

अनुराधा नक्षत्र
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इस नक्षत्र में जन्में लोग अपने आदर्शों और सिद्धांतों पर जीते हैं। ये लोग अपने गुस्से को नियंत्रित नहीं कर पाते इस कारण इन्हें कई बार बड़े नुकसान उठाने पड़ते हैं। ये लोग अपने दिमाग से ज्यादा दिल से काम लेते हैं और अपनी भावनाओं को छिपाकर नहीं रख पाते। ये लोग जुबान से थोड़े कड़वे होते हैं जिसकी वजह से लोग इन्हें ज्यादा पसंद नहीं करते।

ज्येष्ठा नक्षत्र
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गण्डमूल नक्षत्र की श्रेणी में होने की वजह से यह भी अशुभ नक्षत्र ही माना जाता है। ज्येष्ठा नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग तुनक मिजाजी होते है और छोटी-छोटी बातों पर लड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं। खुली मानसिकता वाले ये लोग सीमाओं में बंधकर अपना जीवन नहीं जी पाते।

मूल नक्षत्र
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यह नक्षत्र गण्डमूल नक्षत्र की श्रेणी का सबसे अशुभ नक्षत्र माना गया है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के परिवार को भी इसके दोष का सामना करना पड़ता है। लेकिन इनमें कई विशेषताएं भी होती हैं जैसे कि इनका बुद्धिमान होना, इनकी वफादारी, सामाजिक रूप से जिम्मेदार, आदि। इन्हें आप विद्वानों की श्रेणी में रख सकते हैं।

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र
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ईमानदार, प्रसन्न, खुशमिजाज, कला, सहित्य और अभिनय प्रेमी, बेहतरीन दोस्त और आदर्श जीवनसाथी, ये सभी पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में जन्में लोगों के खासियत होती है।

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र
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ये लोग काफी आशावादी और खुशमिजाज स्वभाव के होते हैं। इस नक्षत्र में पैदा होने वाले लोग नौकरी और व्यवसाय दोनों ही में सफलता प्राप्त करते हैं। ये पूरी भावना के साथ अपने मित्रों का साथ देते हैं और इसी स्वभाव के कारण इन्हें अपने मित्रों से परस्पर सहयोग और सहायता इन्हें मिलती रहती है। ये लोग काफी धनी भी होते हैं।

श्रवण नक्षत्र
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ज्योतिषशास्त्र के अनुसार माता-पिता के लिए अपना सर्वस्व त्यागने वाले श्रवण कुमार के नाम पर ही इस नक्षत्र का नाम पड़ा है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों में कई विशेषताएं होती हैं जैसे कि इनका ईमानदार होना, इनकी समझदारी, कर्तव्यपरायणता आदि। ये लोग जिस भी कार्य में हाथ डालते हैं उसमें सफलता हासिल करते हैं। ये लोग कभी अनावश्यक खर्च नहीं करते, जिसकी वजह से लोग इन्हें कंजूस भी समझ बैठते हैं।

घनिष्ठा नक्षत्र
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग काफी उर्जावान होते हैं और उन्हें खाली बैठना बिल्कुल पसंद नहीं होता। ये लोग अपनी मेहनत और लगन के बल पर अपनी मंजिल हासिल कर ही लेते हैं। इन्हें दूसरों को अपने नियंत्रण में रखना अच्छा लगता है और ये अधिकार भावना भी रखते हैं। इन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपना जीवन जीना पसंद है।

शतभिषा नक्षत्र
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ये लोग शारीरिक श्रम में बिल्कुल विश्वास नहीं करते हैं और हर समय अपनी बुद्धि का परिचय देते हैं। इस नक्षत्र में जन्में लोग स्वच्छंद विचारधारा के होते है अत: साझेदारी की अपेक्षा स्वतंत्र रूप से कार्य करना पसंद करते हैं। ये लोग उन्मुक्त विचारधारा के होते हैं और मशीनी तौर पर जीना इन्हें कतई बरदाश्त नहीं होता। ये अपने शत्रुओं पर हमेशा हावी रहते हैं।

पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र
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गुरु ग्रह के स्वामित्व वाले इस नक्षत्र में जन्में जातक सत्य और नैतिक नियमों का पालन करने वाले होते हैं। दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले ये लोग बहुत अधिक व्यवहार कुशल और मिलनसार कहे जा सकते हैं। ये लोग आध्यात्मिक प्रवृत्ति के तो होते ही हैं साथ ही साथ ज्योतिष के भी अच्छे जानकार कहे जाते हैं।

उत्तराभाद्रपद नक्षत्र
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इस नक्षत्र में जन्में लोग हवाई किलों या कल्पना की दुनिया में विश्वास नहीं करते। ये लोग बेहद यथार्थवादी और हकीकत को समझने वाले होते हैं। व्यापार हो या नौकरी, इनका परिश्रम इन्हें हर जगह सफलता दिलवाता है। इनके भीतर त्याग भावना भी बहुत ज्यादा होती है।

रेवती नक्षत्र
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रेवती नक्षत्र में जन्में जातक बहुत ईमानदार होते है और इस कारण ये किसी भी रूप में धोखा नहीं दे सकते। परंपराओं और मान्यताओं को लेकर ये लोग काफी रूढ़िवादी होने के बावजूद अपने व्यवहार में लचीलापन रखते हैं। इनकी शिक्षा का स्तर काफी ऊंचा होता है और अपनी सूझबूझ से ये बहुत सी मुश्किलों को हल कर लेते हैं।सत्ताइस नक्षत्रों से जानें व्यक्ति का स्वभाव
ज्योतिष शास्त्र में विभिन्न प्रकार के नक्षत्रों का जिक्र किया गया है। ये सभी नक्षत्र जितने महत्वपूर्ण हैं उतने ही वैयक्तिक जीवन पर भी असर डालते हैं। आपको यकीन नहीं होगा लेकिन ये सच है कि जिस नक्षत्र में इंसान जन्म लेता है वह नक्षत्र उसके स्वभाव और आगामी जीवन पर अपना असर जरूर छोड़ता है। आइए जानें भिन्न-भिन्न नक्षत्रों में जन्म लेने वाले लोगों की क्या-क्या खासियत होती है।

अश्विन नक्षत्र
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ज्योतिष शास्त्र में सबसे प्रमुख और सबसे प्रथम अश्विन नक्षत्र को माना गया है। जो व्यक्ति इस नक्षत्र में जन्म लेता है वह बहुत ऊर्जावान होने के सथ-साथ हमेशा सक्रिय रहना पसंद करता है। इनकी महत्वाकांक्षाएं इन्हें संतुष्ट नहीं होने देतीं। ये लोग रहस्यमयी प्रकृत्ति के इंसान होने के साथ-साथ थोड़े जल्दबाज भी होते हैं जो पहले काम कर लेते हैं और बाद में उस पर विचार करते हैं। ये लोग अच्छे जीवनसाथी और एक आदर्श मित्र साबित होते हैं।

भरणी नक्षत्र
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इस नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होता है, जिसकी वजह से इस नक्षत्र में जन्में लोग आराम पसंद और आलीशान जीवन जीना चाहते हैं। ये लोग काफी आकर्षक और सुंदर होते हैं, इनका स्वभाव लोगों को आकर्षित करता है। इनके जीवन में प्रेम सर्वोपरि होता है और जो भी ये ठान लेते हैं उसे पूरा करने के बाद ही चैन से बैठते हैं। इनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और सम्मान हमेशा बना रहता है।

कृत्तिका नक्षत्र
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इस नक्षत्र में जन्में जातक ना तो पहली नजर में प्यार जैसी चीज पर भरोसा करते हैं और ना ही किसी पर बहुत जल्दी एतबार करते हैं। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति पर सूर्य का प्रभाव रहता है, जिसकी वजह से ये लोग आत्म गौरव करने वाले होते हैं। ये लोग स्वाभिमानी होने के साथ-साथ तुनक मिजाजी और बहुत उत्साहित रहने वाले होते हैं। ये लोग जिस भी काम को अपने हाथ में लेते हैं उसे पूरी लगन और मेहनत के साथ पूरा करते हैं।

रोहिणी नक्षत्र
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रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा होता है और चंद्रमा के प्रभाव की वजह से ये लोग काफी कल्पनाशील और रोमांटिक स्वभाव के होते हैं। ये लोग काफी चंचल स्वभाव के होते हैं और स्थायित्व इन्हें रास नहीं आता। इन लोगों की सबसे बड़ी कमी यह होती है कि ये कभी एक ही मुद्दे या राय पर कायम नहीं रहते। ये लोग स्वभाव से काफी मिलनसार तो होते ही हैं लेकिन साथ-साथ जीवन की सभी सुख-सुविधाओं को पाने की कोशिश भी करते रहते हैं। विपरीत लिंग के लोगों के प्रति इनके भीतर विशेष आकर्षण देखा जा सकता है।

मृगशिरा नक्षत्र
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इस नक्षत्र के जातकों पर मंगल का प्रभाव होने की वजह से ये लोग काफी साहसी और दृढ़ निश्चय वाले होते हैं। ये लोग स्थायी जीवन जीने में विश्वास रखते हैं और हर काम पूरी मेहनत के साथ पूरा करते हैं। इनका व्यक्तित्व काफी आकर्षक होता है और ये हमेशा सचेत रहते हैं। अगर कोई व्यक्ति इनके साथ धोखा करता है तो ये किसी भी कीमत पर उसे सबक सिखाकर ही मानते हैं। ये लोग काफी बुद्धिमान और मानसिक तौर पर मजबूत होते हैं। इन्हें संगीत का शौक होता है और ये सांसारिक सुखों का उपभोग करने वाले होते हैं।

आर्द्रा नक्षत्र
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इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों पर आजीवन बुध और राहु ग्रह का प्रभाव रहता है। राहु का प्रभाव इन्हें राजनीति की ओर लेकर जाता है और इनके प्रति दूसरों में आकर्षण विकसित करता है। ये लोग दूसरों का दिमाग पढ़ लेते हैं इसलिए इन्हें बहुत आसानी से बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता। दूसरों से काम निकलवाने में माहिर इस नक्षत्र में जन्में लोग अपने निजी स्वार्थ को पूरा करने के लिए नैतिकता को भी छोड़ देते हैं।

पुनर्वसु नक्षत्र
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ऐसा माना जाता है कि इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति के भीतर दैवीय शक्तियां होती हैं। इनका शरीर काफी भारी और याद्दाश्त बहुत मजबूत होती है। ये लोग काफी मिलनसार और प्रेम भावना से ओत-प्रोत होते हैं। आप कह सकते हैं कि जब भी इन पर कोई विपत्ति आती है तो कोई अदृश्य शक्ति इनकी सहायता करने अवश्य आती है। ये लोग काफी धनी भी होते हैं।

पुष्य नक्षत्र
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ज्योतिषशास्त्र के अंतर्गत शनिदेव के प्रभाव वाले पुष्य नक्षत्र को सबसे शुभ माना गया है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग दूसरों की भलाई के लिए सदैव तैयार रहते हैं और इनके भीतर सेवा भावना भी बहुत प्रबल होती है। ये लोग मेहनती होते हैं और अपनी मेहनत के बल पर धीरे-धीरे ही सही तरक्की हासिल कर ही लेते हैं। ये लोग कम उम्र में ही कई कठिनाइयों का सामना कर लेते हैं इसलिए ये जल्दी परिपक्व भी हो जाते हैं। चंचल मन वाले ये लोग विपरीत लिंग के प्रति विशेष आकर्षण भी रखते हैं। इन्हें संयमित और व्यवस्थित जीवन जीना पसंद होता है।

आश्लेषा नक्षत्र
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शास्त्रों के अनुसार यह नक्षत्र विषैला होता है और इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के भीतर भी विष की थोड़ी बहुत मात्रा अवश्य पाई जाती है। आश्लेषा नक्षत्र में जन्में व्यक्ति ईमानदार तो होते हैं किंतु मौका मिलते ही अपने रंग दिखाने से भी बाज नहीं आते। जब तक इन्हें लाभ मिलता है बस तभी तक दोस्ती निभाने वाले ये लोग दूसरों पर बिल्कुल भरोसा नहीं कर पाते। ये लोग कुशल व्यवसायी साबित होते हैं और दूसरों का मन पढ़कर उनसे अपना काम निकलवा सकते हैं। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों को अपने भाइयों का पूरा सहयोग मिलता है।

मघा नक्षत्र
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इस नक्षत्र को गण्डमूल नक्षत्र की श्रेणी में रखा गया है। सूर्य के स्वामित्व के कारण ये लोग काफी ज्यादा प्रभावी बन जाते हैं। इनके भीतर स्वाभिमान की भावना प्रबल होती है और बहुत ही जल्दी इनका दबदबा भी कायम हो जाता है। ये कर्मठ होते हैं और किसी भी काम को जल्दी से जल्दी पूरा करने की कोशिश करते हैं। इनके भीतर ईश्वरीय आस्था बहुत अधिक होती है।

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र
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इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों में संगीत और कला की विशेष समझ होती है जो बचपन से ही दिखाई देने लगती है। ये लोग नैतिकता और ईमानदारी के रास्ते पर चलकर ही अपना जीवन व्यतीत करते हैं, शांति पसंद होने की वजह से किसी भी तरह के विवाद या लड़ाई-झगड़े में पड़ना पसंद नहीं करते। इनके पास धन की मात्रा अच्छी खासी होती है जिसकी वजह से ये भौतिक सुखों का आनंद उठाते हैं। ये लोग अहंकारी प्रवृत्ति के होते हैं।

उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र
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इस नक्षत्र में जन्में लोग समझदार और बुद्धिमान होते हैं। ये अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भरपूर प्रयास करते हैं। ये लोग निजी क्षेत्र में सफलता हासिल नहीं कर सकते इसलिए इन्हें सरकारी क्षेत्र में ही अपना कॅरियर तलाशना चाहिए। ये लोग एक काम को करने में काफी समय लगा देते हैं। अपने हर संबंध को ये लोग लंबे समय तक निभाते हैं।

हस्त नक्षत्र
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बौद्धिक, मददगार, निर्णय लेने में अक्षम, कुशल व्यवसायिक गुणों वाले ये लोग दूसरों से अपना काम निकालने में माहिर माने जाते हैं। इन्हें हर प्रकार की सुख-सुविधाएं मिलती हैं और इनका जीवन आनंद में बीतता है।

चित्रा नक्षत्र
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इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के स्वभाव में आपको मंगल ग्रह का प्रभाव दिखाई दे सकता है। ये लोग हर किसी के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की कोशिश करते हैं, इन्हें आप सामाजिक हितों के लिए कार्य करते हुए भी देख सकते हैं। ये लोग विपरीत हालातों से बिल्कुल नहीं घबराते और खुलकर मुसीबतों का सामना करते हैं। परिश्रम और हिम्मत ही इनकी ताकत है।

स्वाति नक्षत्र
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इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातक मोती के समान चमकते हैं अर्थात इनका स्वभाव और आचरण स्वच्छ होता है। ऐसा माना जाता है कि इस नक्षत्र में पानी की बूंद सीप पर गिरती है तो वह मोती बन जाती है। तुला राशि में होने की वजह से स्वाति नक्षत्र के जातक सात्विक और तामसिक दोनों ही प्रवृत्ति वाले होते हैं। ये लोग राजनीतिक दांव-पेंचों को अच्छी तरह समझते हैं और अपने प्रतिद्वंदियों पर हमेशा जीत हासिल करते हैं।

विशाखा नक्षत्र
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पठन-पाठन के कार्यों में उत्तम साबित होते हैं स्वाति नक्षत्र में जन्में लोग। ये लोग शारीरिक श्रम तो नहीं कर पाते लेकिन अपनी बुद्धि के प्रयोग से सभी को पराजित करते हैं। ये लोग काफी सामाजिक होते हैं जिसकी वजह से इनका सामाजिक दायरा भी बहुत विस्तृत होता है। ये लोग महत्वाकांक्षी होते हैं और अपनी हर महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए बहुत मेहनत करते हैं।

अनुराधा नक्षत्र
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इस नक्षत्र में जन्में लोग अपने आदर्शों और सिद्धांतों पर जीते हैं। ये लोग अपने गुस्से को नियंत्रित नहीं कर पाते इस कारण इन्हें कई बार बड़े नुकसान उठाने पड़ते हैं। ये लोग अपने दिमाग से ज्यादा दिल से काम लेते हैं और अपनी भावनाओं को छिपाकर नहीं रख पाते। ये लोग जुबान से थोड़े कड़वे होते हैं जिसकी वजह से लोग इन्हें ज्यादा पसंद नहीं करते।

ज्येष्ठा नक्षत्र
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गण्डमूल नक्षत्र की श्रेणी में होने की वजह से यह भी अशुभ नक्षत्र ही माना जाता है। ज्येष्ठा नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग तुनक मिजाजी होते है और छोटी-छोटी बातों पर लड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं। खुली मानसिकता वाले ये लोग सीमाओं में बंधकर अपना जीवन नहीं जी पाते।

मूल नक्षत्र
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यह नक्षत्र गण्डमूल नक्षत्र की श्रेणी का सबसे अशुभ नक्षत्र माना गया है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के परिवार को भी इसके दोष का सामना करना पड़ता है। लेकिन इनमें कई विशेषताएं भी होती हैं जैसे कि इनका बुद्धिमान होना, इनकी वफादारी, सामाजिक रूप से जिम्मेदार, आदि। इन्हें आप विद्वानों की श्रेणी में रख सकते हैं।

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र
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ईमानदार, प्रसन्न, खुशमिजाज, कला, सहित्य और अभिनय प्रेमी, बेहतरीन दोस्त और आदर्श जीवनसाथी, ये सभी पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में जन्में लोगों के खासियत होती है।

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र
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ये लोग काफी आशावादी और खुशमिजाज स्वभाव के होते हैं। इस नक्षत्र में पैदा होने वाले लोग नौकरी और व्यवसाय दोनों ही में सफलता प्राप्त करते हैं। ये पूरी भावना के साथ अपने मित्रों का साथ देते हैं और इसी स्वभाव के कारण इन्हें अपने मित्रों से परस्पर सहयोग और सहायता इन्हें मिलती रहती है। ये लोग काफी धनी भी होते हैं।

श्रवण नक्षत्र
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ज्योतिषशास्त्र के अनुसार माता-पिता के लिए अपना सर्वस्व त्यागने वाले श्रवण कुमार के नाम पर ही इस नक्षत्र का नाम पड़ा है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों में कई विशेषताएं होती हैं जैसे कि इनका ईमानदार होना, इनकी समझदारी, कर्तव्यपरायणता आदि। ये लोग जिस भी कार्य में हाथ डालते हैं उसमें सफलता हासिल करते हैं। ये लोग कभी अनावश्यक खर्च नहीं करते, जिसकी वजह से लोग इन्हें कंजूस भी समझ बैठते हैं।

घनिष्ठा नक्षत्र
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग काफी उर्जावान होते हैं और उन्हें खाली बैठना बिल्कुल पसंद नहीं होता। ये लोग अपनी मेहनत और लगन के बल पर अपनी मंजिल हासिल कर ही लेते हैं। इन्हें दूसरों को अपने नियंत्रण में रखना अच्छा लगता है और ये अधिकार भावना भी रखते हैं। इन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपना जीवन जीना पसंद है।

शतभिषा नक्षत्र
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ये लोग शारीरिक श्रम में बिल्कुल विश्वास नहीं करते हैं और हर समय अपनी बुद्धि का परिचय देते हैं। इस नक्षत्र में जन्में लोग स्वच्छंद विचारधारा के होते है अत: साझेदारी की अपेक्षा स्वतंत्र रूप से कार्य करना पसंद करते हैं। ये लोग उन्मुक्त विचारधारा के होते हैं और मशीनी तौर पर जीना इन्हें कतई बरदाश्त नहीं होता। ये अपने शत्रुओं पर हमेशा हावी रहते हैं।

पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र
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गुरु ग्रह के स्वामित्व वाले इस नक्षत्र में जन्में जातक सत्य और नैतिक नियमों का पालन करने वाले होते हैं। दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले ये लोग बहुत अधिक व्यवहार कुशल और मिलनसार कहे जा सकते हैं। ये लोग आध्यात्मिक प्रवृत्ति के तो होते ही हैं साथ ही साथ ज्योतिष के भी अच्छे जानकार कहे जाते हैं।

उत्तराभाद्रपद नक्षत्र
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इस नक्षत्र में जन्में लोग हवाई किलों या कल्पना की दुनिया में विश्वास नहीं करते। ये लोग बेहद यथार्थवादी और हकीकत को समझने वाले होते हैं। व्यापार हो या नौकरी, इनका परिश्रम इन्हें हर जगह सफलता दिलवाता है। इनके भीतर त्याग भावना भी बहुत ज्यादा होती है।

रेवती नक्षत्र
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रेवती नक्षत्र में जन्में जातक बहुत ईमानदार होते है और इस कारण ये किसी भी रूप में धोखा नहीं दे सकते। परंपराओं और मान्यताओं को लेकर ये लोग काफी रूढ़िवादी होने के बावजूद अपने व्यवहार में लचीलापन रखते हैं। इनकी शिक्षा का स्तर काफी ऊंचा होता है और अपनी सूझबूझ से ये बहुत सी मुश्किलों को हल कर लेते हैं।

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इंवेस्टर्स समिट में उद्यमियों ने की खरबों रुपये के निवेश की घोषणा

लखनऊ(उत्तर प्रदेश),21 फरवरी 2018। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूपी में डिफेंस कॉरिडोर बनाने का ऐलान करते हुए कहा कि प्रदेश में इससे 2.5 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।उन्होंने ये वक्तव्य लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इंवेस्टर्स समिट के उद्घाटन के अवसर पर व्यक्त किया। कहा कि योगी के नेतृत्व में प्रदेश निराशा से आशा की तरफ निरंतर बढ़ रहा है और यूपी में निवेश के लिए इतने लोगों का एकजुट होना बहुत बड़ी बात है। इसके लिए हम ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेंगे जो प्रदेश को 21वीं सदी में नई बुलंदियों तक पहुंचायेगा।निवेशकों के प्रोत्साहन हेतु निवेश को आसान बनाया जा रहा है। यूपी में अब नींव तैयार हो चुकी है, जिससे न्यू उत्तर प्रदेश का विकास होगा। यूपी में संसाधन और सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है। यूपी में सुपरहिट परफॉर्मेंस देने के लिए सरकार के साथ यहां की जनता तैयार हैं। यूपी के 60 प्रतिशत लोग वर्किंग एज ग्रुप में हैं और ये ग्रुप ही प्रदेश को विकास की बुलन्दियों तक पहुंचायेगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार चाहे केंद्र में हो या राज्य में, हम जॉब सेंट्रिक के साथ-साथ पीपुल सेंट्रिक ग्रोथ पर कार्य करतेे हैं ताकि गरीबों के वित्तीय समावेशन के साथ साथ सबका कल्याण हो।कहाकि मेरा सपना है कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज का सफर कर सके,इसके लिए प्रदेश के 11 शहरों में हवाई अड्डों के विकास हेतु कार्य किया जा रहा है।इसके लिए कुशीनगर व जेवर में दो नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण किया जायेगा। प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना नेें स्वागत भाषण में कहा कि यूपी देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां सबसे ज्यादा संभावना है। उन्होंने कहा कि अभी तक हमें 2000 से ज्यादा निवेश के प्रस्ताव मिल चुके हैं।समिट को सम्बोधित करते हुए कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि यूपी में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए काफी कुछ किया जा रहा है। कुमार मंगलम् बिड़ला ने पांच साल में यूपी में 25 हजार करोड़ का निवेश करने की बात की। अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा कि देश की तरक्की में यूपी की अहम भूमिका है।उन्होंने अगले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश में 35,000 करोड़ का निवेश करने की बात कही।कहा कि यूपी में रोजगार देने के लिए हम उद्योग व कृषि क्षेत्र में निवेश करेंगे। यूपी में सड़क और मेट्रो के क्षेत्र में बेहतरी के लिए सरकार का साथ देंगे। उद्योगपति मुकेश अंबानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि यूपी को आगे ले जाना प्रधानमंत्री जी के साथ ही हम सब की जिम्मेदारी है। अगर यूपी का विकास होगा तो हमारे देश को आगे बढ़नेे से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने अगले तीन वर्षों में प्रदेश में 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने को कहा। उन्होंने वादा किया कि वे दिसंबर 2018 तक प्रदेश के छोटे से छोटे गांव तक जियो को पहुंचाएंगे। प्रदेश मे निवेश करने वाले उद्योगपतियों में एसेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने बताया कि हमने पिछली सरकार में 30,000 करोड़ रुपये का एमओयू किया था परन्तु कार्य सिर्फ 3000 करोड़ रुपये का हुआ। जी ग्रुप आने वाले समय में यूपी में 18500 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। समिट में चार लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश के एमओयू किए जाने की संभावना है। विभागों के मंत्री व अधिकारी विभिन्न क्षेत्रों में निवेशकों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। अतिरिक्त ऊर्जा क्षेत्र में 63 हजार करोड़ के 46 एमओयू, हेल्थ केयर व फार्मा सेक्टर में 6362 करोड़ के 27 निवेश प्रस्ताव, पर्यटन क्षेत्र में निवेश के 23 प्रस्ताव से करीब 10 हजार करोड़ के निवेश व आवास विकास परिषद में 1500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव आये हैं। इससे पूर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबेरे लखनऊ हवाई अड्डा पहुचने पर राज्यपाल रामनाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री द्वय दिनेश शर्मा व केशव प्रसाद मौर्य तथा मेयर संयुक्ता भाटिया ने स्वागत किया।

पत्रकार भवन का सपना हुआ साकार

गाजीपुर(उत्तर प्रदेश),20 फरवरी 2018।पत्रकार भवन के निर्माण हेतु जिले के पत्रकारों की चिर प्रतिक्षित मांग पर सोमवार को अंततः मुहर लग गयी। पत्रकार भवन हेतु नगर पालिका परिषद कार्यालय के द्वितीय तल पर आवंटित कार्यालय भवन का शिलान्यास जिला पंचायत सभागार में मुख्य अतिथि रेल व संचार राज्य मंत्री मनोज सिंन्हा व विशिष्ट अतिथि महामण्डलेश्वर भवानी नन्दन यति जी महाराज के कर कमलों द्वारा सम्पन्न हुआ। समारोह का शुभारम्भ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्जवलित एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्यअतिथि श्री सिन्हा ने अपने उद्बो्धन में कहा कि पत्रकारिता का इतिहास आदिकाल से जुड़ा रहा है।सतयुग में महर्षि नारद सही अर्थों में पत्रकार थे जो सारी जानकारियां पहुंचाते थे।उनकी बातों को पक्ष और विपक्ष दोनों सुनता था। महाभारत काल में भी संजय ने पत्रकार की भूमिका निभाई, उन्होंने अपने ज्ञान चक्षु से महाराज धृतराष्ट्र को युद्ध क्षेत्र की सदैव सही जानकारियां उपलब्ध करायी। इसी प्रकार आज के दौर में भी पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।आज प्रिंट मीडिया के पत्रकार महर्षि नारद तो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार संजय की भूमिका में है। आज के समय में पत्रकारों का कार्य और भी महत्वपूर्ण व चुनौतीपूर्ण हो गया है। इन पत्रकारों के प्रयासों के बलबूते ही हमें देश-विदेश सहित सभी आवश्यक जानकारियां शीघ्र उपलब्ध हो जाती हैं। उन्होंने पत्रकारों से अपनी लेखनी में पारदर्शिता लाकर स्वस्थ व विश्वसनीय पत्रकारिता अपना कर समाज हित में कार्य करने का आह्वान किया।कहा कि आज पत्रकारों के कार्यक्रम में आने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ और पत्रकार भवन का शिलान्यास करते हुए अपने को धन्य पा रहा हूं।उन्होंने पत्रकार भवन निर्माण में यथासंभव मदद करने तथा अपने सांसद निधि से धनराशि उपलब्ध करानेे का आश्वासन दिया। समारोह के विशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध सिद्ध पीठ हथियाराम के महामण्डलेश्वर स्वामी भवानी नन्दन यति जी महाराज ने अपने सम्बोधन मेें कहा कि भवन का शिलान्यास तो हम लोग आज कर दिये, नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी मैं और सिन्हा जी यथाशीघ्र करेंगे, ताकि पत्रकारों को पत्रकार भवन में एक छत के नीचे लिखने पढ़ने मे सुविधा हो। इससे हम लोगो को भी पत्रकारों से मिलने व पत्रकार वार्ता करने में सुविधा होगी। उन्होंने भवन निर्माण में अपने तरफ से सहयोग करने का आश्वासन दिया। सदर विधायक डा. संगीता बलवंत ने अपने विधायक निधि से भवन निर्माण हेतु तीन लाख रूपया देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब हमारे पत्रकार भाईयों को जो वर्षो से सपना था वह आज पूरा हुआ,इसकी हमें भी बहुत खुशी है। उक्त समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष आशा यादव, जिलाधिकारी के. बाला जी, पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर विनय कुमार गुप्ता, पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दूबे, समाजसेवी मीरा राय, विवेक सिंह शम्मी, बच्चा तिवारी, अखिलेश्वर प्रसाद सिंह, जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार, अजय मौर्या, आर.सी. खरवार, अशोक कुमार श्रीवास्तव, सुर्यबीर सिंह, विनय कुमार सिंह, अनिल उपाध्याय, चन्द्र कुमार तिवारी, अजय शंकर तिवारी, विनोद कुमार पाण्डेय, पवन कुमार श्रीवास्तव, वेद प्रकाश, अजय राय बबलू, नागेन्द्र पाण्डेय, राजीव कुमार सिंह, श्याम सिन्हा, सुनील उपाध्याय, मुमताज अहमद गुडडू, विनोद कुमार गुप्ता सहित काफी संख्या में पत्रकार व बुद्धजीवीगण उपस्थित रहे।समारोह का संचालन व्यासमुनि राय व आभार ज्ञापन अध्यक्ष गुलाब राय ने किया।

दुर्घटना! टेम्पो ट्रक की टक्कर में एक छात्रा की मौत, कई घायल

गाजीपुर(उत्तर प्रदेश),19 फरवरी 2018। सुहवल थाना क्षेत्र के डुहिंया सरैंया के पास टेम्‍पो और ट्रक की हुई टक्कर में टेम्पो सवार क छात्रा की मौत हो गयी तथा चार छात्राओं सहित कई लोग बुरी तरह घायल हो गये। बताया गया कि जमानियां थाना क्षेत्र के गोकुल पतांजलि विद्यालय रामपुर देवरिया से टेम्‍पो में सवार होकर छह छात्राऐं गाजीपुर आ रही थी, तभी सुहवल थाना क्षेत्र के डुहिंया सरैंया के पास टेम्‍पो को पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से धक्‍का मार दिया। ट्रक के धक्के से टेम्पो सवार सभी लोग घायल हो गये। घटना स्‍थल पर ही शहर के फुल्‍लनपुर निवासी छात्रा पूनम यादव की मौत हो गयी। शेष घायलों को जिला चिकित्‍सालय में लाया गया जहां पर शिखा वर्मा और सुनीता यादव तथा अध्‍यापक बेचन यादव की हालत गंभीर होने पर उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया गया। शेष घायल छात्रा कंचन यादव, निधि गुप्‍ता, रेखा, आरती मौर्य व एक महिला यात्री सबिता राय का इलाज जिला अस्‍पताल में चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही जिला चिकित्‍सालय में डीएम, एडीएम, एसडीएम पहुंच कर जानकारी ली और यथोचित कारर्वाई का भरोसा दिया।

खौफ! महिला की निर्मम हत्या

गाजीपुर(उत्तर प्रदेश),19 फरवरी 2018। करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के कबीरपुर गाँव के सोमवार को गेहूं के खेत में अज्ञात महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गयी। बताया गया है कि सोमवार को दोपहर में खेत में ग्रामीणों ने महिला का शव देख शोर मचाया।थोड़ी ही देर में वहां ग्रामीणों की भीड़ लग गयी लोगों ने शव को पहचानने का काफी प्रयास किया पर सफलता नहीं मिली। घटना की सूचना पाते ही थानाध्यक्ष रजनीश कुमार सिंह हमराहियो के साथ मौके पर पहुंचे और घटना स्थल की जांच में जुट गये। घटना स्‍थल पर उपस्थित लोगों से शव को शिनाख्त कराने का प्रयास किया पर शव की पहचान नहीं हो सकी।उन्होंने इस घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को देकर शव की विडियोग्राफी करा पोस्‍टमार्टम के लिए भेज दिया। इलाकाई पुलिस शव की शिनाख्त कराने तथा हत्या के रहस्य से पर्दा उठाने में जूट गयी है।

सुहेलदेव महाराज सच्चे राष्ट्र भक्त

गाजीपुर। राजभर समाज का इतिहास गौरव शाली रहा है पर चाटुकार इतिहासकारों ने सुहेलदेव के इतिहास को सही ढंग से प्रस्तुत नही किया, जबकि इतिहास गवाह है कि सुहेलदेव महाराज सांस्कारिक और गौ भक्त देशभक्त थे।उक्त वक्तव्य भारतीय राजभर समाज द्वारा रविवार को शादियाबाद मेेें
आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाराज सुहेलदेव के प्रतिमा पर मालार्पण कर दीप प्रज्वलित कर किया गया।
उन्होंने कहा कि महाराज सुहेलदेव ने अपने साम्राज्य की रक्षा के लिए विदेशी आक्रांताओं को ऐसा सबक सिखाया की 175 वर्षो तक दोबारा उनके राज्य की तरह किसी दुश्मन ने आंख उठा कर नही देखा। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में ऐसी सरकार चल रही है जो अति पिछड़े लोगो के विकास और उनके उत्थान के लिए समर्पित है। उनकी ही देन है कि आज इस समाज के आदर्श के नाम सुहेलदेव एक्सप्रेस ग़ाज़ीपुर से दिल्ली चल रही है और 25 मार्च को राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के उपस्थिति में सुहेलदेव के नाम डाक टिकट जारी होंगा। विशिष्ट अतिथि अनिल राजभर होमगार्ड मंत्री अनिल राजभर ने कहा अपना नेता और अपनी पार्टी को पहचानिये जो आपके समाज का विकास कर सकें। अपने समाज की प्राथमिकता है कि रोटी, कपड़ा और मकान मिल सकें। जिसको लेकर मोदी सरकार दृढ़ निश्चय है और आने वाले 2022 तक सबके पास अपना मकान होंगा। उन्होंने कहा कुछ लोग अपने समाज को बरगलाने का काम कर रहे है और अपने परिवार के लोगों को सांसद-मंत्री बनाने के चक्कर मे लगे है।वे शायद भूल गए है कि सभी दलों को आजमाने के बाद विधानसभा में पहुँचने का सौभाग्य भाजपा के नरेंद्र मोदी की नेतृत्व में ही मिला। कुछलोग राजभर समाज को जागीर समझ रहे है जबकि समाज के नेताओ को मिलकर राजभर समाज के उत्थान की बात सोचनी चाहिये। घोसी सांसद हरिनारायण राजभर ने कहा कि अगर अपने समाज को अग्रणी श्रेणी में लाना है तो अपनी ताकत और क्षमता को प्रदर्शित करना होंगा ।अपने पूर्वजो के मान सम्मान के साथ वीरगाथा को जानना होंगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी राजभर समाज के उत्थान के लिए तत्पर है। कार्यक्रम में अतिथियों को आयोजकों द्वारा मुकुट, तलवार और स्मृति चिन्ह भेट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भाजयुमो जिलाध्यक्ष राजेश भारद्वाज, अवधेश राजभर,प्रमोद वर्मा, अमित यादव प्रेमसागर राजभर, अनिल राजभर, इतवारी राजभर, हँसराज राजभर, बब्बन राजभर, राणा राजभर, धर्मवीर राजभर, श्रीपत राजभर, विपिन सिंह सहित जिले के पदाधिकारी एवम भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संचालन मुराहू राजभर एवं अध्यक्षता रघुवर दयाल राजभर ने किया।

दोहरा हत्याकांड ! हिस्से का पैसा न देने पर हत्यारे ने की थी दादा – चाचा की हत्या

गाजीपुर(उत्तर प्रदेश),18 फरवरी 2018।सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के मंगल मड़ई गांव में गत 15/16 फरवरी की रात हुए दोहरे हत्याकांड के रहस्य से पुलिस ने पर्दा उठा दिया है।सदर कोतवाली तथा करंडा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने हत्यारे देवचंद सिंह कुशवाहा पुत्र परशुराम सिंह कुशवाहा निवासी मंगल मड़ई को रेलवे स्टेशन गोलंबर से आज रात लगभग 3:30 बजे गिरफ्तार कर लिया।मृतक हत्यारे के दादा व चाचा थे।पुलिसअधीक्षक कार्यालय में पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा ने प्रेस वार्ता में उक्त जानकारी दी। बताया कि हत्यारों की टोह में लगी पुलिस टीम रात में चक्रमण कर रही थी,उसी दौरान मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि हत्यारा गाजीपुर रेलवे स्टेशन गोलंबर के पास मौजूद है,जो ट्रेन पकड़ कहीं भागने की फिराक में है। उक्त सूचना पाते ही पुलिस टीम स्टेशन गोलंबर के पास पहुंच घेराबंदी कर दी तथा मुखबिर की निशानदेही पर हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया। हत्यारे के पास से पुलिस ने एक कुल्हाड़ी व कपड़ा भी बरामद कर लिया, जिसके द्वारा उसने हत्या की घटना को अंजाम दिया था। गिरफ्तार देवचंद सिंह कुशवाहा पुत्र परशुराम सिंह कुशवाहा ने बताया कि उसके दादा द्वारा पूर्व में कुछ जमीन बेची गई थी और उसका सारा पैसा उसके चाचा रामकरन कुशवाहा पुत्र राम जन्म कुशवाहा ने रख लिया था और हमारे हिस्से का पैसा उसके पिता परशुराम कुशवाहा को नहीं दिया था।
मैं अपनी बीमार बेटी के इलाज के लिए जब अपने चाचा से पैसे की मांग किया तो उन्होंने पैसा देने से इंकार कर दिया इससे क्षुब्ध होकर रंजिशन मैनें चक्की पर सोते समय बाप बेटे को कुल्हाड़ी से वार कर मौत की नींद सुला दिया।आज मैं दिल्ली भागने की फिराक में था कि पुलिस की जद में आ गया। हत्यारे को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी कोतवाली निरीक्षक राजीव कुमार सिंह , थानाध्यक्ष करंडा त्रिवेणी लाल सेन,उप निरीक्षक दिव्य प्रकाश सिंह, शिव कुमार यादव, राम सकल यादव व नसीम अख्तर के साथ आरक्षी राकेश सिंह ,चंदन मणि त्रिपाठी,मुकेश कुमार व धीरज मिश्रा आदि रहे।पुलिस टीम की इस कामयाबी पर पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी द्वारा टीम को 20000 रूपये नगद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।