शाबाश ! देश सेवा के जज्बे को सलाम

गाजीपुर (उत्तर प्रदेश),14 मार्च 2018। सच्ची लगन, कड़ी मेहनत और सार्थक प्रयास से ही अपने लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है, इसे साबित किया है जिले के ढढ़नी गांव की बेटी अर्पणा राय ने।बहुराष्ट्रीय अमेेरिकी कम्पनी की

मोटी सेलरी पैकेज तथा ढेरों सुविधाएं भी उन्हें रोक न सकीं।देश के लिए कुछ कर गुजरने की तमन्ना के साथ वे बहुराष्ट्रीय कंपनी के बड़े सेलरी पैकेज की नौकरी को छोड़कर भारतीय सेना तक जा पहुंची। चेन्नई स्थित सैन्य अकादमी में प्रशिक्षण के उपरान्त 23 वर्षिया अर्पणा राय को लेफ्टिनेंट नियुक्त किया गया है।

अर्पणा राय ने गत दस मार्च को पासिंग आउट परेड में भाग लिया। अपनी लगन और सार्थक प्रयास से अपने लक्ष्य का भेदन कर उन्होंने जिले का नाम रोशन कर महिलाओं के लिए एक मिशाल पेश किया है।

वाराणसी में अपना कारोबार करने वाले अशोक राय तथा उनकी पत्नी चिंतामणी राय अपनी पुत्री की इस सफलता से फूले नहीं समा रहे हैं। आरम्भ से ही मेधावी रही अर्पणा ने इंटरमीडियट परीक्षा में स्कूल टॉप करने के बाद एनआईटी श्रीनगर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर 2016 में इंजीनियरिंग की स्नातक बनीं। एनआईटी से बीटेक की डिग्री प्राप्त करने के बाद 2016 में चेन्नई में ही एक अमेरिका की बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्य करना शुरू किया फिर भी अर्पणा का सेना में जाने का जुनून बरकरार रहा। सेना में पहुचने की तैयारी के दौरान 2017 में कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा देकर मेरिट में दूसरा स्थान प्राप्त किया।अप्रैल 2017 में सेना में जाने का लक्ष्य तब पूूूर्ण हुआ जब ओटीए चेन्नई में उनको प्रशिक्षण हेेेतु प्रवेश मिल गया।

चेन्नई में प्रशिक्षण

पूरा कर दस मार्च को पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया था। बेटी के लेफ्टिनेंट बनने की सफलता पर उनके माता पिता काफी खुश है। उनका कहना है कि सीमित संसाधनों मे रहकर हमारी बेटी ने जो मुकाम हासिल किया है वो मुझ जैसे मध्यमवर्गीय सामान्यजन के लिए बड़ी बात है और हम अपनी बेटी से गौरवान्वित हैं। हमारी इच्छा है कि वह महिलाओं व देश के लिए प्रेरणा स्रोत बने।
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लोकार्पण ! प्रदेश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट हुआ  लोकार्पित – मोदी-मैक्रों ने संयुक्त रूप किया लोकार्पण

मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश),12 मार्च 2018।जिले के दादर कला गांव में फ्रांस के सहयोग से बने 75 मेगावाट के सोलर एनर्जी प्लांट का लोकार्पण आज सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने संयुक्त रूप से किया। समारोह स्थल पर लगे शिलापट्ट का दोनों लोगों ने एक साथ अनावरण किया। इसके साथ ही यहां से बिजली का निर्माण भी शुरू हो गया।
उल्लेखनीय है कि फ्रांसीसी कंपनी के सहयोग से 382 एकड़ में फैले इस सोलर प्लांट में 318650 प्लेट्स लगी हैं और प्रति सोलर प्लेट 315 वाट बिजली तैयार होगी। डेढ़ वर्ष में तैयार हुए सोलर प्लांट के निर्माण में 650 करोड़ रुपए खर्च हुए।
प्रोजेक्ट संचालक प्रकाश कुमार के अनुसार अत्याधुनिक ढंग से निर्मित इस प्लांट में सूर्य के प्रकाश के साथ ही एनर्जी उत्पादित होने लगेगी और प्रकाश समाप्त होते ही प्लांट आटोमेटिक रूप से स्वयं बंद हो जाएगा। इस प्लांट से 5 लाख यूनिट बिजली प्रतिदिन उत्पादित होगी।
इससे पूर्व जनपद के छानबे ब्लाक अन्तर्गत दादर कलां गांव स्थित हेलीपैड पर उतरते ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों को विंध्य धाम की प्रसिद्ध चुनरी पहनाकर स्वागत किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल सहित जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित रहे।

ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष बने मुन्नी लाल पाण्डेय

गाजीपुर(उत्तर प्रदेश),11 मार्च 2018। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उ.प्र. के जनपदीय इकाई की सम्पन्न बैठक में वरिष्ठ पत्रकार मुन्नीलाल पांडेय को सर्वसम्मति से जिला अध्यक्ष चुना गया। कैंप कार्यालय मिश्र बाजार पर रविवार को आयोजित बैठक में पर्यवेक्षक के रुप में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश संगठन मंत्री महेंद्र नाथ सिंह तथा मंडल अध्यक्ष मिर्जापुर हौसला प्रसाद त्रिपाठी के देखरेख में संपन्न हुआ ।जिला इकाई हेतु उपस्थित सदस्यों की सर्वसम्मति से ओम प्रकाश पांडेय, विजय प्रकाश श्रीवास्तव तथा राम अवतार यादव को उपाध्यक्ष चुना गया। महासचिव के रूप डॉ .ए.के.राय (मुख्यालय) व श्रीवर पांडेय को (प्रशासनिक संगठन) पद पर चुना गया। सचिव पद हेतु नीरज यादव(मीडिया प्रभारी ), कमल किशोर (संगठन) व दरोगा पांडेय(समबद्ध अध्यक्ष) तथा संगठन सचिव जय शंकर राय, कोषाध्यक्ष राजेंद्र सिंह यादव तथा आय व्यय निरीक्षक सत्येंद्र नाथ शुक्ला को बनाया गया। जिला कार्यसमिति हेतु आशुतोष प्रकाश, राम अवतार, हिमांशु राय, निशार फैज, सतीश, अशोक राय को चुना गया। इसी प्रकार तहसीलों के अध्यक्ष पद के चुनाव के

क्रम में सदर तहसील के लिए रामजन्म कुशवाहा ,जमानियां के लिए विनोद यादव, मुहम्मदाबाद हेतु रितेश राय, कासिमाबाद हेतु आशीष राय व सैदपुर हेतु प्रह्लाद दास को चयनित किया गया। प्रदेश प्रतिनिधि के रूप में डॉक्टर ए.के. राय तथा प्रमोद कुमार राय को मनोनीत किया गया।चुनाव सम्पन्न होने के उपरांत प्रदेश संगठन मंत्री महेन्द्र सिंहने सभी पदाधिकारियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।इस अवसर पर काफी संख्या में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के सदस्य गण उपस्थित रहे।

नये भवन में शिफ्ट हुआ जिला अस्पताल

गाजीपुर (उत्तर प्रदेश),11 मार्च 2018। नवनिर्मित जिला चिकित्सालय गोराबाजार में रविवार से आकस्मिक चिकित्सा का कार्य आरम्भ हो गया। कल सोमवार से वाह्य चिकित्सा विभाग भी कार्य करने लगेगा। आज रविवार को 11 मरीज इमरजेंसी में चिकित्सा हेतु भर्ती कराये गये। मुख्य चिकित्‍सा अधिकारी डा. जीसी मौर्य, सीएमएस एसएन प्रसाद के देखरेख में शनिवार सेे पुराने भवन से नये भवन में अस्पताल स्थानानंतरण का कार्य चलता रहा। शहर स्थित पुराने अस्पताल से सारे मेडिकल उपकरण व बेड नये अस्पताल में शिफ्ट कराया गया। इस संदर्भ में सीएमओ डा. जीसी मौर्य ने बताया कि नये अस्पताल की क्षमता 200 बेड की है। पुराने अस्पताल से 130 बेड लाया जा चुका है, शेष 70 बेड सोमवार तक अस्पताल में लग जायेंगे। जिलाधिकारी के. बाला जी ने दोपहर में नये अस्पताल का औचक निरीक्षण कर मेडिकल सेवा संबंधित आवश्‍यक निर्देश दिया कि मरीज और डाक्टरो को पानी पीने के लिए शीघ्र ऑरो मशीन लगाये। उल्लेखनीय है कि सपा सरकार के तत्कालीन राज्य मंत्री विजय मिश्र ने अपने प्रयासों से 200 बेड के नये अस्पताल की स्वीकृत करा कर नये भवन का शिलान्यास भी किया। निर्माण निगम द्वारा यह भवन 2016 में तैयार हो गया था पर चुनाव की घोषणा हो जाने के कारण नये भवन में जिला अस्पताल स्थानांतरित नही हो सका। विधानसभा चुनाव बाद योगी सरकार में अब जाकर अस्पताल शिफ्ट हो सका है।

आश्चर्य ! 95% इंटरनेट से अनभिज्ञ हैं आम लोग

दिल्ली । 10 मार्च 2018 । आज जहां सारा विश्व इंटरनेट का दिवाना है और इसके माध्यम से नयी तकनीकी जानकारियां लोगों तक पहुंच रही हैं, फिर भी आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि मात्र पांच प्रतिशत इंटरनेट का ही उपयोग आमजनों द्वारा किया जाता है। कहीं आप भी तो उन्हीं मे से एक तो नहीं ?

आइये, जानते हैं उसके बारे में,

संचार क्रांति के माध्यम से इंटरनेट आज जन सामान्य की भाषा बन चुका है। इंटरनेट के माध्यम से आज प्रतिदिन करोड़ों लोग बगैर किसी झंझट के अपना कार्य पूर्ण करते हैं। यहां तक कि यह आर्टिकल भी आप इंटरनेट के माध्यम से पढ़ रहे हैं ।सामान्यतः हम सोचते हैं कि वास्तव में इंटरनेट की दुनिया काफी बड़ी है, जहां से गुगल, याहू, बिंग आदि विभिन्न सर्च इंजनों के माध्यम से हर जानकारी पलक झपकते ही प्राप्त कर लेते हैं। इस संबंध में आपको बताना चाहते हैं कि विभिन्न सर्च इंजनों के माध्यम से जो जानकारी हमें प्राप्त होती हैं वह पूरे इंटरनेट का मात्र 5 से 10 प्रतिशत ही होता है । बाकी 90 से 95 प्रतिशत हिस्सा ऐसा है जिसे हम सामान्य ब्राउज़र से न तो खोल सकते हैं ना ही इंटरनेट पर देख सकते हैं ।इसका उपयोग करने के लिए TOR ब्राउज़र

(“द ओनियन रूटर”) का उपयोग करना होगा।

इंटरनेट का विचार 1960 में यूएस के कैलिफोर्निया में विकसित होना शुरू हुआ

। सर्वप्रथम इस संबंध में लियोनार्ड क्लिनराक ( Leonard kleinrkck ) ने अपने पहले लेख ” lnformation flow in large communication nets ” द्वारा 31मई 1961 को अपने विचार प्रकाशित कियेे। उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 1962 में IPTO ( Information processing technology office ) के निदेशक जेसीआर

लिकलिड्र ( JCR Licklidr) ने कम्प्यूटर के आंतरिक नेटवर्क के विचार को लोगों तक पहुंचाया। उपरोक्त दोनों महानुभावों के विचार से प्रेरित होकर रावर्ट टॉयलर ने नेटवर्क तैयार करने में उनकी मदद की। इसी प्रकार अनेकों प्रयासों के बाद जो प्रथम नेटवर्क तैयार हुआ वह यू. एस. की मिलिट्री द्वारा अपने विशेष कार्यों हेतु वर्ष 1969 में प्रयोग किया गया था। उस समय इसे ARPANET ( ऐडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट एडमिनिस्ट्रेशन नेटवर्क ) का नाम दिया गया था। फिर नेशनल साइंस फाउंडेशन द्वारा इसका नाम बदलकर NSFNET ( नेशनल साइंस फाउंडेशन नेटवर्क )किया गया। तदुपरांत 1980 में इसे सामान्य जनों के उपयोगार्थ चालू किया गया।
आज वर्तमान समय में सेवाओं के अनुसार इंटरनेट को मुख्यतः तीन भागों में वर्णित किया गया है –
1.सरफेस वेब
2. डीप वेब
3. डार्क वेब

1.सरफेस वेब – सरफेस वेेेब इंटरनेट का वह हिस्सा होता है जिसमें हम गुगल, याहू,बिंंग आदि सर्च इंजनों के माध्यम से उपयोग करते हैं । विश्व में सर्वाधिक इसी वेब का प्रयोग होता है। सरफेस वेब में सर्च इंजन की सहायता से हम किसी भी वेबसाइट को एक लिमिट में रहकर देख सकते हैं। इसमें हम वही देख सकते हैं जो हमें उसका एडमिन दिखाना चाहता है। इसमें हम चाह कर भी एडमिन एरिया को न तो खोल सकते हैं न ही उसका उपयोग कर सकते हैं।
2. डीप वेब – डीप वेब इंटरनेट का वह हिस्सा होता है जिससे आम लोग अनभिज्ञ हैं। इसे इनविजीवल वेब के नाम से जाना जाता है।
इसे हम इंटरनेट पर सर्च करके नहीं पा सकते हैं, क्योंकि यह “नो इन्डेक्स” वेबसाइट होती है। सामान्यतः हम अपने फोटो,विडियो, फाइल आदि क्लाउड स्टोरेज में सेब करते हैं। इसके लिए कई वेबसाइट भी मौजूद हैं। क्लाउड स्टोरेज की जितनी भी वेबसाइट होती हैं वे डीप वेब के अंतर्गत आती हैं। वैसे डीप वेब का वास्तविक आकार मापना असंभव है , फिर भी विशेषज्ञों के अनुसार इसका आकार सरफेस वेब से लगभग 500 गुना बड़ा माना जाता है। इन्हें हम तभी प्रयोग कर सकते हैं जब हमारे पास उनका फिक्स URL तथा उसका पासवर्ड हो अर्थात इस प्रकार की वेबसाइट पर गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखी जाती हैं व गोपनीय डाटा एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजा जाता है या फिर डेटाबेस बनाकर सुरक्षित रखा जाता है। इसका उपयोग अधिकांश सरकारी दस्तावेज, वैज्ञानिक शोध आदि को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है । इन वेबसाइटों को वही लोग संचालित कर सकते हैं जिन्हें इसको संचालित करने के लिए मान्य किया गया हो और उनके पास उनका पासवर्ड हो ।
3. डार्क वेब – डार्क वेब इंटरनेट का गैरकानूनी क्षेत्र होता है ,जहां जाने कि हम आपको मनाही करते हैं। यहां उसकी जानकारी सिर्फ ज्ञान के लिए दी जा रही है। यह इंटरनेट का अवैध क्षेत्र कहलाता है इसलिए इस क्षेत्र पर जाना और उसका उपयोग करना पूरी तरह अवैध है।
इस वेब का प्रयोग करने के लिए स्पेशल इंटरनेट ब्राउज़र की आवश्यकता होती है जिसे TOR ब्राउज़र (“द ओनियन रूटर”) कहते हैं। इसके द्वारा अवैध ढंग से नशीली दवाओं के व्यापार, फ्राड के तरीके, आतंकियों को धन देेेने, नकली करेंसी, वायरस, हैकिंग, पाइरेटेड साफ्टवेयर, शूटर हायर करनेे, कारडिंग सम्बन्धित अवैध कार्य किए जाते हैं । इसमें किसी देश की भी करेंसी का प्रयोग नहीं किया जाता है बल्कि सारा लेनदेन बिटकॉइन के माध्यम से संचालित होता है।
**** इंटर नेट के मजेदार तथ्य *****
@. विश्व का पहला सर्च इंजन आर्ची नाम से शुरू किया गया था।
@. 1971 पहला ई मेल रे टामलिन्सन द्वारा भेजा गया था, पर मजे की बात यह रही कि विश्व के पहले टेक्स्ट ई मेल भेजने वाले को यह भी याद नहीं है कि उस मैसेज में उन्होंने क्या लिखा था।
@. इंटरनेट के प्रारंभ से लेकर स्थापित होने तक इसे अनेकों मतभेदों का भी सामना करना पड़ा। वर्ष 1995 में रावर्ट मेडकॉल्फ नें इंटरनेट की हंसी उडा़ते हुए कहा था कि यह प्रयोग साल दो साल बाद धराशाई हो जाएगा और इसका कोई भी उपयोग नहीं होगा। अपनी बातों को वजन देते हुए उसने कहा था कि यदि मेरी कही बात गलत हुई और यह लंबे समय तक चलता रहा तो मैं अपने कहे शब्दों को पी जाऊंगा। बाद में जब इंटरनेट का व्यापक प्रसार हुआ और यह तेजी से लोगों तक पहुंचने लगा तो वर्ष 1997 में रावर्ट मेडकाल्फ ने, इंटरनेट की बढ़ती लोकप्रियता को देख ,अपने शब्दों को वापस लेने के लिए 1995 में अपनी दी गई स्पीच पेपर का प्रिंट निकाल कर उसे ग्राइंड कर पानी में घोलकर पी लिया था ।
@. टीम बर्नर्स ली ने 1997 में पहला वेब पेज (www) बनाया था।
@. वर्ष 2011 में फिजिसिस्ट रसेल सीज के अनुसार इंटरनेट इलेक्ट्रानों से निर्मित है और प्रवाहित हो रहे सम्पूर्ण इंटरनेट का वजन लगभग 50 ग्राम (एक स्ट्राबेरी के वजन) के आस पास बताया गया है

इच्छा मृत्यु ! सुप्रीम कोर्ट ने दी सशर्त मंजूरी

नई दिल्ली ,10मार्च 2018।उच्चतम न्यायालय ने कल अपने ऐतिहासिक फैसले में इच्छामृत्यु की अनुमति देते हुए कहा कि ‘सम्मान से मरने का अधिकार’ मौलिक अधिकार है।इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त इजाजत दे दी। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाते हुए लोगों को जीवित रहते मौत की वसीयत लिखने की भी इजाजत दे दी। संविधान पीठ में मुख्य न्यायाधीश के अलावा न्यायाधीश ए के सिकरी, ए एम खानविल्कर, डा. डीवाई चन्द्रचूड़ व अशोक भूषण सम्मिलित रहे। न्यायालय में एक याचिका दाखिल कर मरणासन्न व्यक्ति द्वारा इच्छामृत्यु के लिए लिखी गई वसीयत (लिविंग विल) को मान्यता देने की मांग की गई थी। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने गत 11 अक्तूबर को इस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था जो शुक्रवार को सुनाया गया। न्यायालय ने कहा कि लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाना गलत नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि इसके दुरुपयोग से बचने के लिए नियम बनाए जाएं। न्यायालय ने अपने अहम फैसले में कहा कि असाध्य रोग से ग्रस्त व्यक्ति ने उपकरणों के सहारे उसे जीवित नहीं रखने के संबंध में यदि लिखित वसीयत दिया है, तो यह वैध होगा। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि वसीयत का पालन कौन करेगा और इस प्रकार की इच्छामृत्यु के लिए मेडिकल बोर्ड किस प्रकार हामी भरेगा, इस संबंध में वह पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि इस संबंध में कानून बनने तक उसकी ओर से जारी दिशा-निर्देश और हिदायत प्रभावी रहेंगे। ‘लिविंग विल’ एक लिखित दस्तावेज होता है जिसमें कोई मरीज पहले से यह निर्देश देता है कि मरणासन्न स्थिति में पहुंचने या रजामंदी नहीं दे पाने की स्थिति में पहुंचने पर उसे किस तरह का इलाज दिया जाए। ज्ञातव्य है कि ‘पैसिव यूथेनेसिया’ य₹(इच्छामृत्यु) वह स्थिति है जब किसी मरणासन्न व्यक्ति को मौत के आगोश में पहुंचाने की मंशा से उसे इलाज देना बंद कर दिया जाता है।

लापरवाह चालक !दुर्घटना में दो की गयी जान, तीन घायल

लखनऊ(उत्तर प्रदेश),9 मार्च 2018। गुरुवार की रात्रि लगभग दस बजे अनियंत्रित सिटी बस के चालक ने हुसैनगंज थाना क्षेत्र के बर्लिग्टन चौराहे के पास ग्रे कलर की इर्टिगा कार में जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर से कार क्षतिग्रस्त हो गयी और पांच लोग गंभीर रुप से घायल हो गये और दो लोगो की मौके पर ही मौत हो गयी। घायलों को आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगो ने वहां तोड़-फोड़ व प्रदर्शन शुरु कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पांच थानों की फोर्स व पीएसी बुलानी पड़ी। देर रात तक हंगामा होता रहा। एसएसपी दीपक कुमार ने दो लोगों के मरने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि घटना का सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के हाथ लगा है तथा चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना में शोभित कुमार 27 वर्ष निवासी लखीमपुर खीरी तथा हामिद हुसैन वारसी 57 वर्ष निवासी कैैैसरबाग की मौत हो गयी और गंभीर रुप से घायल सुबोधिनी 42 वर्ष पुत्री राजेन्द्र प्रसाद निवासी हुसैनगंज, गौरी पाण्डेय 17वर्ष पुत्री राजेन्द्र प्रसाद व दुर्गा प्रसाद 39वर्ष पुत्र राम नरायण निवासी अमीनाबाद को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया ।बताया गया कि ग्रे कलर की इर्टिगा कार नम्बर (यूपी 32 इयू 005) में जोरदार टक्कर मारने के बाद राह चलते कई लोगो को मौके पर ही रौदते हुये चालक गाड़ी को तेजी से भगाने लगा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हुसैनगंज चौराहे पर मेट्रो की क्रेन को बुलाने के लिए पुलिस ने सड़क ट्रैक को तोड़ दिया। क्रेन से पुलिस ने बस को पहले अलग किया और उसके बाद कार में फंसे लोगों को निकाला जा सका। मौके पर भीड़ ने जमकर नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर दिया था । मौके पर पहुंचे एसपी पूर्वी सर्वेश मिश्रा समेत हजरतगंज सीओ अभय कुमार मिश्रा और कई थाने की फोर्स मौके पर मौजूद रही ।